पटना : बिहार सरकार ने अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य के पांच संवेदनशील जिलों—पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान—में अब ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (एसपी ग्रामीण) के पद सृजित किए जाएंगे। इस प्रस्ताव पर मंगलवार को हुई बिहार कैबिनेट बैठक में मुहर लगा दी गई।
गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन पांच जिलों में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के कुल पांच नए पद बनाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि अपराध और सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले इन जिलों में अलग ग्रामीण एसपी की नियुक्ति से कानून-व्यवस्था पर अधिक प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।
जानकारी के मुताबिक, इन जिलों में बढ़ते अपराध, भूमि विवाद, साम्प्रदायिक तनाव और सीमावर्ती गतिविधियों को देखते हुए लंबे समय से अतिरिक्त प्रशासनिक निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही थी। खासकर पूर्वी चंपारण और सिवान जैसे जिलों में सीमावर्ती गतिविधियों और संगठित अपराध की चुनौतियां बनी रहती हैं। वहीं वैशाली, समस्तीपुर और मधुबनी में भी समय-समय पर अपराध और सामाजिक तनाव की घटनाएं सामने आती रही हैं।
सरकार के इस फैसले के बाद संबंधित जिलों में शहरी और ग्रामीण पुलिस प्रशासन का अलग-अलग संचालन संभव हो सकेगा। इससे पुलिस अधिकारियों पर कार्यभार कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण एसपी की नियुक्ति से थानों की मॉनिटरिंग बेहतर होगी और आम लोगों को न्याय मिलने की प्रक्रिया तेज होगी।
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव Arvind Kumar Chaudhary द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि राज्य सरकार अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी उद्देश्य से संवेदनशील जिलों में पुलिस प्रशासन को और मजबूत बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सरकार के इस फैसले को अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में राज्य के अन्य बड़े और संवेदनशील जिलों में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की जा सकती है। फिलहाल सरकार के इस कदम को कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ी पहल माना जा रहा है।